सब कुछ कर मिया.. 'प्यार' ना कर
अदब से खेलते है.. ये मतलब वाले
अपने ही आइने में.. तू 'वार' ना कर
शिकार पे निकला है तो शिकार कर
पर घायल परिंदे का 'शिकार' ना कर
जिन ईटो ने संभाला है कल तुझको
उन ईटो की तबियत 'बीमार' ना कर
गलती से जो बह गया आंख से पानी
फिर से उनका पानी 'बेकार' ना कर
अपना समझ बैठ.. 'इंतज़ार' ना कर
सब कुछ कर मिया.. 'प्यार' ना कर