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Tuesday, 15 September 2020

Hamre Jaane Ke Baad Hamara Chasma Tumko Dhudhega

शरद आस्मां मेँ एक पुराना नशा तुमको ढूढ़ेगा
हमारे जाने के बाद हमारा चश्मा तुमको ढूढ़ेगा

लोग सो जायेंगे दोपहर के थके - हारे घरो मेँ
तब रातों की धुंध मेँ इक अँधेरा तुमको ढूढ़ेगा

इक रोज फिर मै तुमको सताने आ सकता हूँ
जब कोई नया दीवाना हम जैसा तुमको ढूढ़ेगा

लोग ढूढेंगे नक्शो मेँ नए नए शहरों के नाम
पर हर नज़र मेँ हमारा ही चेहरा तुमको ढूढ़ेगा

मुझको शक है इसलिए तुमको छुपा रहा हूँ में
जो भी तुम्हारे नाम को देखेगा तुमको ढूढ़ेगा

मर जाएगी मोहब्बत 'मजबूर' की उस रोज़ ही
जिस रोज़ उसका दबा हौसला तुमको ढूढ़ेगा



Ghazal

Meri Behan Chali Tu Jayegi | itzskushwaha Poetry

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